मतदाता सूची में विशेष पुनरीक्षण की तैयारी तेज़: निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों को दिए निर्देश
दो दिवसीय सम्मेलन में हुई समीक्षा, चुनावी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से की गई विस्तृत चर्चा
नई दिल्ली। देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को स्पष्ट निर्देश जारी किए। आयोग ने कहा कि सभी प्रदेश समयसीमा के भीतर तैयारी पूरी करें ताकि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन हो सके।
निर्वाचन आयोग की यह बैठक नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल मैनेजमेंट (IIIDEM) में दो दिनों तक चली, जिसमें देशभर के सीईओ ने भाग लिया। इस दौरान आयोग ने पहले जारी दिशा-निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की और मतदाता सूची के अद्यतन कार्य की स्थिति पर चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की, जबकि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी उपस्थित रहे। आयोग ने विशेष रूप से उन राज्यों — असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल — के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की, जहाँ निकट भविष्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने अपने-अपने प्रदेशों की स्थिति से जुड़े प्रश्न उठाए, जिनका समाधान वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत विस्तृत प्रेजेंटेशन के बाद किया गया।
आयोग ने बताया कि यह समीक्षा सितंबर में आयोजित उस बैठक के बाद की जा रही है, जिसमें राज्यों ने अपने क्षेत्रों में पिछले पुनरीक्षण की रिपोर्ट पेश की थी। उन रिपोर्टों में मतदाताओं की संख्या, पिछली पात्रता तिथि, तथा मतदाता सूची की अद्यतन स्थिति का विवरण शामिल था।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में हाल ही में संपन्न विशेष पुनरीक्षण की तर्ज पर अब पूरे देश में पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार की जाएगी। बिहार में अंतिम सूची में 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं, जबकि 7.89 करोड़ की पिछली सूची से 65 लाख नाम हटाए गए और 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए।
निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण से न केवल दोहराव और त्रुटियों को दूर किया जाएगा, बल्कि आगामी चुनावों के लिए प्रत्येक राज्य में अद्यतन और विश्वसनीय मतदाता सूची सुनिश्चित की जाएगी।