श्रावणी मेला 2025 को लेकर देवघर में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक, श्रद्धालुओं की सुविधा-सुरक्षा को लेकर तैयारियां तेज
झारखंड-बिहार के आला अधिकारियों ने की गहन समीक्षा, तकनीक से जुड़ेगा प्रशासन
देवघर, 26 जून। श्रावणी मेला 2025 के सफल आयोजन को लेकर बुधवार को देवघर परिसदन सभागार में झारखंड और बिहार के अधिकारियों की अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संथाल परगना के आयुक्त श्री लालचंद डाडेल ने की। इसमें दोनों राज्यों के प्रमंडलीय आयुक्त, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी सहित तमाम आला अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में देवघर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के जरिए श्रावणी मेला की अब तक की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए होल्डिंग एरिया, टेंट सिटी, स्वास्थ्य केंद्र, पेयजल, स्नानागार व शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

तकनीक के जरिए प्रशासन होगा हाईटेक
आयुक्त डाडेल ने बताया कि इस बार मेला के दौरान बाबाधाम मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में सूचना आदान-प्रदान कर त्वरित निर्णय संभव हो सकेगा। साथ ही बच्चों व बुजुर्गों की पहचान के लिए उनका नाम, पता व मोबाइल नंबर प्रचार-प्रसार के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा।
वीआईपी पूजा पर रोक, आम श्रद्धालु होंगे प्राथमिकता में
देवघर डीसी ने बताया कि इस बार मेला के दौरान VIP पूजा पर रोक लगाई गई है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आम श्रद्धालु ही प्राथमिकता में रहेंगे और उन्हें निर्बाध जलार्पण की सुविधा दी जाएगी।
बिहार से आने वाले वाहनों पर विशेष निगरानी
बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि बिहार की ओर से आने वाले किसी भी वाहन की छत पर सवारी प्रतिबंधित रहेगी। चेकनाका, गश्ती दल और इंटरस्टेट पुलिस समन्वय के ज़रिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
दोनों राज्यों के अधिकारी रहेंगे चौबीसों घंटे संपर्क में
भागलपुर, बांका, मुंगेर, देवघर, दुमका और गोड्डा जिलों के अधिकारियों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। यह तय हुआ कि इन जिलों के अधिकारी चौबीसों घंटे संपर्क में रहेंगे ताकि श्रावणी मेला की व्यवस्था में कोई बाधा न आए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, आरक्षी उप महानिरीक्षक, डीआईजी संथाल परगना, डीएम-एसपी भागलपुर, बांका, देवघर, दुमका, गोड्डा, अपर समाहर्ता मुंगेर, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, यातायात पुलिस अधिकारी समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासन ने इस बार व्यापक योजना बनाई है, जो आधुनिक तकनीक और समन्वय के बल पर श्रद्धालुओं के लिए श्रावणी मेला 2025 को एक सुरक्षित और व्यवस्थित धार्मिक अनुभव बनाने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।