वंशवाद पर बीजेपी के आरोपों का प्रियंका गांधी ने दिया करारा जवाब, कहा – “यह परिवारवाद नहीं, राष्ट्र धर्म है”
वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण): बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एनडीए पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बीजेपी द्वारा लगाए गए वंशवाद के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि, “हमारे परिवार ने देश के लिए बलिदान दिया है। यह परंपरा परिवारवाद नहीं, बल्कि राष्ट्र धर्म है।”
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण में अपने परदादा पंडित जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख करते हुए कहा कि आज वही नेहरू, जिन्होंने देश को स्वतंत्रता के बाद आधुनिक भारत की नींव दी, अपने ही देश में अपमान झेल रहे हैं। उन्होंने कहा, “न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित मेयर ने हाल ही में नेहरू जी की प्रशंसा करते हुए उनके ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण का जिक्र किया। लेकिन जिस धरती पर उन्होंने यह भाषण दिया, वहीं आज उन्हें गालियां दी जा रही हैं।”
सभा को संबोधित करते हुए रायबरेली सांसद ने कहा, “हम आपकी सेवा करना चाहते हैं। यह देश की दौलत आप सबकी है। हमारे पुरखों ने आज़ादी के लिए लड़ाई लड़ी। आपके पूर्वजों ने भी बलिदान दिया। इस मिट्टी में हमारा और आपका खून मिला हुआ है।”
प्रियंका ने आगे कहा, “जो लोग मंच से खड़े होकर वंशवाद के नारे लगाते हैं, वे इन बलिदानों को कभी नहीं समझ सकते। यह परिवारवाद नहीं, बल्कि देश के प्रति हमारा धर्म है।” उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी और दादी इंदिरा गांधी के बलिदानों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए प्रियंका ने कहा कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा को ‘घुसपैठियों की रक्षा के लिए निकाली गई यात्रा’ बताना बेहद अपमानजनक है। उन्होंने कहा, “मेरे भाई राहुल गांधी ने यह यात्रा जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए निकाली है। उन्होंने हरियाणा में वोट चोरी का बड़ा मामला उजागर किया है।”
सभा में मौजूद भीड़ से सवाल करते हुए प्रियंका ने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम घुसपैठियों के लिए काम कर रहे हैं। बताइए, क्या आप खुद को घुसपैठिया मानते हैं?” इस सवाल पर भीड़ से जोरदार ‘नहीं’ की आवाज़ गूंजी।
प्रियंका गांधी के इस आक्रामक भाषण से कांग्रेस समर्थकों में नया जोश देखा गया, जबकि बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने यह साफ संदेश दिया कि गांधी परिवार का संघर्ष वंशवाद नहीं बल्कि राष्ट्र सेवा की विरासत है।